
कोरोना महामारी (Corona epidemic) के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद सरकार ने 25 मार्च से 31 मई तक लॉकडाउन लगाया हुआ था. पर अब लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है जिसकी शुरुआत 1 जून से हो चुकी है. 1 जून से 30 जून तक अनलॉक-1.0 है और इसके बाद दूसरे चरण की शुरुआत होगी जिसके अंतर्गत सरकार जनता को और अधिक छूट दे सकती है. केंद्र सरकार ने अनलॉक-2.0 (Unlock-2.0) को लेकर अब तैयारियां शुरू कर दी हैं.
कब जारी होगी गाइडलाइन
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, अनलॉक-2 की गाइडलान सरकार द्वारा 30 जून को जारी हो सकती हैं. इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए अधिकारियों ने सीएनएन-न्यूज 18 से बातचीत में बताया कि, सरकार इस बार इंटरनेशनल फ्लाइट्स, स्कूलों और मेट्रो पर फोकस रखते हुए कोई ऐलान कर सकती है.
अनलॉक 2.0 की तैयारियों के बीच एक सरकार अधिकारी ने पुष्टि करते हुए बताया है कि, बहुत जल्द गाइडलाइन्स जारी होंगी और इस बार जनता को पहले के मुकाबले अधिक छूट दी जा सकती है. लेकिन मेट्रो की सुविधा बहाल होने में समय लग सकता है.
मेट्रो पर क्या है सरकार की योजना
राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामलों में हर दिन रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी हो रही है ऐसे में सरकार मेट्रो की सुविधा बहाल करने में डर रही है. अगर मेट्रो का संचालन होता है तो भीड़ होगी और इससे संक्रमण तेजी से फैलेगा. हैरानी वाली बात ये है कि, मुंबई में अब काफी सुधार देखने को मिल रहा है लेकिन अब छोटे शहरों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं जो वाकई चिंता का विषय है. चेन्नई में तो कोरोना को काबू करने के लिए फिर से लॉकडाउन लगाया गया है जिससे बढ़ते ग्राफ को रोका जा सके. ऐसे में मेट्रो का संचालन कब शुरू होगा इस बारे में कहना मुश्किल है और हो सकता है कि इसमें अभी अधिक वक्त लगे.
राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामलों में हर दिन रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी हो रही है ऐसे में सरकार मेट्रो की सुविधा बहाल करने में डर रही है. अगर मेट्रो का संचालन होता है तो भीड़ होगी और इससे संक्रमण तेजी से फैलेगा. हैरानी वाली बात ये है कि, मुंबई में अब काफी सुधार देखने को मिल रहा है लेकिन अब छोटे शहरों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं जो वाकई चिंता का विषय है. चेन्नई में तो कोरोना को काबू करने के लिए फिर से लॉकडाउन लगाया गया है जिससे बढ़ते ग्राफ को रोका जा सके. ऐसे में मेट्रो का संचालन कब शुरू होगा इस बारे में कहना मुश्किल है और हो सकता है कि इसमें अभी अधिक वक्त लगे.
शिक्षण संस्थान
लॉकडाउन से ही देशभर के स्कूल, कॉलेज समेत सभी शिक्षण संस्थानों पर ताले लटके हुए हैं. हर किसी के मन में सवाल है कि, आखिर कब से पढ़ाई शुरू होगी. पर यहां भी सरकार की वही चिंता है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच कैसे शिक्षण संस्थानों को खोला जाए. अधिकांश राज्यों में कोरोना के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए फिर से बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं और सीबीएसई और आईसीएसई ने कक्षा 10वीं और 12वीं के जो बचे हुए पेपर हैं उन्हें कैंसिंल करने के बाद रिजल्ट जारी करने के लिए वैकल्पिक ग्रेडिंग की योजना तैयार की है. हर साल अब तक रिजल्ट आ चुके होते थे लेकिन इस बार बच्चों की परीक्षाएं रुके होने से सिर्फ संस्थान को नहीं बल्कि अभिभावकों को भी काफी चिंता है.
लॉकडाउन से ही देशभर के स्कूल, कॉलेज समेत सभी शिक्षण संस्थानों पर ताले लटके हुए हैं. हर किसी के मन में सवाल है कि, आखिर कब से पढ़ाई शुरू होगी. पर यहां भी सरकार की वही चिंता है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच कैसे शिक्षण संस्थानों को खोला जाए. अधिकांश राज्यों में कोरोना के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए फिर से बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं और सीबीएसई और आईसीएसई ने कक्षा 10वीं और 12वीं के जो बचे हुए पेपर हैं उन्हें कैंसिंल करने के बाद रिजल्ट जारी करने के लिए वैकल्पिक ग्रेडिंग की योजना तैयार की है. हर साल अब तक रिजल्ट आ चुके होते थे लेकिन इस बार बच्चों की परीक्षाएं रुके होने से सिर्फ संस्थान को नहीं बल्कि अभिभावकों को भी काफी चिंता है.