
पाकिस्तान से जहाँ अब तक हिन्दुओं के उत्पीड़न की खबरें ही सामने आती थीं, जिसे लेकर उसे पूरे विश्व के सामने शर्मिंदा होना पड़ता था। वहीं अब एक ऐसी खबर सामने आ रही जिसे देखकर लग रहा है कि, पाकिस्तान अब बदलाव की राह पर है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद शहर में पहले हिंदू मंदिर की आधारशिला रखी गई है। भगवान कृष्ण के इस मंदिर के निर्माण के लिए 10 करोड़ पाकिस्तानी रुपए का बजट रखा गया है। यह मंदिर इस्लामाबाद के H-9 क्षेत्र में 20,000 वर्गफुट में बनाने का काम रहा है। इसकी आधारशिला पाक के मानवाधिकारों के संसदीय सचिव लाल चंद्र माल्ही ने रखी।
लाल चंद्र माल्ही ने इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों को सम्बोधित करते हुए बोला कि, इस्लामाबाद और उससे सटे हुए क्षेत्रों में वर्ष 1947 से पहले कई हिन्दू मंदिर थे। सैदपुर गांव और रावल झील के पास के मंदिर भी इनमे शामिल हैं। लेकिन बाद में यहां लोगों ने आना बंद कर दिया और मंदिरों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया। इस्लामाबाद में हिन्दुओं के अंतिम संस्कार के लिए भी कम जगह होने की बात करते हुए माल्ही ने नाराजगी प्रकट की।
पाकिस्तान में धार्मिक मामलों के मंत्री पीर नूरुल हक कादरी ने कृष्ण मंदिर के निर्माण को लेकर जानकारी देते हुए कहा है कि, सरकार 10 करोड़ रुपए मंदिर के निर्माण पर खर्च करेगी। मंदिर के लिए विशेष सहायता देने की अपील पीएम इमरान खान से भी की गई है। इस्लामाबाद हिंदू पंचायत ने बन रहे मंदिर का नाम श्रीकृष्ण मंदिर रखा है। इसके लिए वर्ष 2017 में 2017 में जमीन दी गई थी।
बीते 3 वर्ष से मंदिर के काम को रोका जा रहा था लेकिन अब इस मंजूरी मिल गई है। इस मंदिर परिसर में एक श्मशान घाट होगा। वहीं दूसरी तरफ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि, अल्पसंख्यकों के लिए पाकिस्तान नरक बन चुका है। रोजाना ऐसी खबरें सामने आती हैं जिनमे हिंदू समुदाय की बच्चियों का अपहरण करके उन्हें मुसलमान बना दिया जाता है।